दृश्य का चित्रण-
नौंवी कक्षा का दृश्य
क्लास में पंखा अपनी चरम अवस्था मे चल रहा था , सभी विद्यार्थी श्यामपट्ट पर देख रहे थे, एक शिक्षिका कुछ पढ़ा रही थी।
चारो तरफ सन्नाटा होता है ,
तभी अचानक से एक आवाज़ आती है ",may i comein maam".
सब कोई का ध्यान अचानक दरवाजे पर जाता है ,
दरवाजे पर एक मासूम लड़का पीठ पर बैग टांगे हुए सावधान की मुद्रा में खड़ा था।
'Yes come in '', मैडम जी सामान्यतः जबाब देती है ,
लड़का तमाम ख्याल लिए हुए संकोच की भाव लिए हुए धीरे धीरे अंदर जाता है , न जाने कितने प्रश्न उसके खण्डहर रूपी दिमाग मे चल रहे होते है ,
लड़का धीरे से पूछता है , maam , ये क्लास 9th kestral है ??
Yes , मैडम जी जबाब देती है ,
तभी mam को व्यस्त देखकर विद्यार्थि, अपने आप मे बात करने लगते है ,
तभी mam के एक आवाज़ देने के बाद सभी शांत होकर लड़के को देखने लगते है ,
लड़का यही कोई छठवी या सातवी क्लास में पढ़ने वाला प्रतीक होता था ।
"क्या काम है बच्चा तुम्हे , किससे मिलना है तुम्हे ,???
लड़का चुकी 9th में पढ़ने आया होता है ,
लेकिन ऐसा सवाल सुनकर स्तब्ध सा जाता है , कक्षा में कन्याये भी उपस्थित होता है , इसलिए लड़का थोड़ा शर्माता हुआ सहम सा जाता है ,
डरते डरते जबाब देता है , mam ,"मेरा एडमिशन इसी क्लास में हुआ है , "
पीछे झुंड से कुछ हसी का आवाज़ आती है ,
लड़का वो हसी की आवाज़ सुनकर मन ही मन रुआँसा सा हो जाता है ,
मन तो उसको भी कर रहा था कि जाकर सबको दो चार लगा दे,
लेकिन सम्भव न था ये ,
खैर जाकर वो बैठ जाता है , उसके बाद उसको एक एक क्षण एक युग के समान लगने लगता है ,
लेकिन उस लड़के को कहा पता था उस विद्यालय , उन सहपाठियों के साथ उसका 2 साल कब बीतेगा उसे पता न चलेगा ,
जो हस रहे थे , वो उसके मित्र बनेगे , इस बात का उस बालक को अंदाज़ भी न था ।
वो मासूम बालक मैं ही था 😂